सांस्कृतिक व साहित्यिक गौरव हैं कबीर व नागार्जुन
दरभंगा, जुलाई 11 -- राजीव रंजन झा,दरभंगा। एलएनएमयू के पीजी हिन्दी एवं उर्दू विभाग की ओर से नागार्जुन चेयर के संयुक्त तत्वावधान में हमारा समय : कबीर और नागार्जुन की विरासत विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार ने कहा कि कबीर और नागार्जुन हमारे सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गौरव हैं। दोनों महापुरुषों ने साहित्य और समाज को महत्त्वपूर्ण दिशा दी है। वे आज भी नवीन समाज रचना के लिए निश्चित ही पथ प्रदर्शक हैं। बीज वक्तव्य में प्रो. विजय कुमार ने कहा कि कई अर्थों में मध्यकाल संक्रमण का दौर था। उस दौर में कबीर ने भारतीय समाज को सम्भालने का काम किया है। ठीक इसी प्रकार नागार्जुन स्वातंत्र्योत्तर भारत की तमाम विद्रूपताओं से टकराते हुए समाज को सही दिशा देते हैं।
कबीर और नागार्जुन की सांस्कृतिक महत्ता मा...
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