सांस्कृतिक विकास को समग्र रूप से देखने की जरूरत : प्रो आलोक
प्रयागराज, मई 18 -- प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग की 'अनुसंधान समिति' की ओर से सोमवार को विशेष व्याख्यान हुआ। 'मुगल काल के पतन के बाद भारतीय संस्कृति का विकास' विषय पर वक्ताओं ने अनुभव साझा किए। प्रो. ताबिर कलाम मुख्य वक्ता रहे। प्रो.आलोक प्रसाद ने इस बात पर जोर दिया कि मुगल आक्रमण और उसके बाद हुए सांस्कृतिक विकास को समग्र रूप से देखा जाना चाहिए।इस अवसर पर डॉ. चंद्रभान यादव,, डॉ. आनंद प्रताप चंद, डॉ. कल्पना सिंह, डॉ. खुशवंत सिंह, डॉ. शिप्रा नंदन, डॉ. कुलदीप कुमार मिश्र, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. अखिल कुमार गुप्ता, डॉ. रेफाक अहमद, डॉ. विक्रम हरिजन, प्रांजल बरनवाल, सुशील यादव, रजनी सिंह, अल्पना भारती, नीतू सरोज, हीना श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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