सांस्कृतिक और दार्शनिक परंपराओं को मिले स्थान
मेरठ, अगस्त 18 -- मेरठ। नए मौलिक अधिकार, स्वायत्तता, कानूनी क्षमता और सामाजिक, श्रम एवं डिजिटल समावेश के लिए व्यापक नीतियां' विषय पर हुए सम्मेलन में सांस्कृतिक एवं दार्शनिक परंपरााओं को स्थान देने पर जोर दिया गया है। सीसीएसयू कैंपस में विधि अध्ययन संस्थान के समन्वयक डॉ.विवेक कुमार त्यागी ने बुज़ुर्गों को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए विश्व सम्मेलन में यह बात कही। डॉ.विवेक ने 'धर्म मीट्स राइट्स: हिंदू फिलॉसॉफिकल फाउंडेशन्स फॉर ए ग्लोबल चार्टर ऑफ ओल्डर एडल्ट्स ऑटोनॉमी, लीगल कैपेसिटी, एंड इंक्लूसिव डिजिटल फ्यूचर्स' शीर्षक पर अपनी बात रखी। डॉ.त्यागी ने कहा कि बुजुर्गों के अधिकारों का वैश्विक ढांचा केवल पश्चिमी व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर आधारित नहीं होना चाहिए बल्कि इसमें अन्य सांस्कृतिक और दार्शनिक परंपराओं को भी स्थान मिलना चाहिए। उन्हो...
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