सांस्कृतिक अनुभवों का विस्तार हैं सभा की दीर्घाएं
वाराणसी, अगस्त 23 -- वाराणसी, संवाददाता। केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने कहा है कि नागरी प्रचारिणी सभा की कला दीर्घाएं काशी के सांस्कृतिक-साहित्यिक अनुभवों का विस्तार हैं। वह रविवार को सभा का अवलोकन करने पहुंचे थे। सभा की तीनों दीर्घाओं का अवलोकन करने के बाद उन्होंने कहा कि इनमें लगी प्रदर्शनी काशी के सांस्कृतिक वांग्मय को समझने का मार्ग प्रशस्त करती हैं। सभा-परिसर में नवनिर्मित दीर्घाओं 'षडंग', 'नेपथ्य' और 'प्रतिपदा' पर्यटकों के लिए एक सौगात हैं। इनमें से गुज़रकर काशी की कलात्मक और साहित्यिक परंपराओं का अनुभव हो रहा है। षडंग की प्रदर्शनी आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के कृतित्व पर आधारित है। इसमें मुंशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, आचार्य रामचंद्र शुक्ल, मैथिलीशरण गुप्त, हीरा डोम, माधव राव सप्रे, बंगमहिला राजेंद्रबाला घोष और चंद्रधर शर्...
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