रायबरेली, नवम्बर 23 -- सतांव। कोरिहर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में हिरण्यकश्यप व भक्त प्रहलाद की कथा सुनाई गई। कथा वाचक आचार्य कमलेश मिश्र ने कहा कि परमात्मा की भक्ति और उनके प्रति अनुराग मुक्ति का पथ प्रशस्त्र करता है। जबकि सांसारिक माया-मोह मुक्ति का मार्ग अवरुद्ध कर देता है। परमपिता परमेश्वर के प्रति सच्चा प्रेम, जीव को बन्धनो से मुक्त करता है।
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