आगरा, मार्च 28 -- शहर के निकटवर्ती झाल के पुल के सौंदर्यीकरण के लिए हो रहे निर्माण कार्यों की टीएसी से जांच कराने की मांग एटा के सांसद देवेश शाक्य ने संसद में उठाई है। सांसद ने लोकसभा में अपने वक्तव्य में कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की टीएसी से जांच के बाद ही कार्यदायी संस्था का भुगतान किया जाए। लोकसभा में उन्होंने कहा कि नदरई स्थित निचली गंगा नहर में डूबने की घटनाएं होती रहती हैं। इन घटनाओं को रोकने के लिए नहर पर एनडीआरएफ के गोताखोरों की टीम की स्थायी तैनाती की जाए। जिससे नहर में डूबने से लोगों को बचाया जा सके। सांसद ने कहा कि ऊपरी गंगा नहर पक्की होने के कारण जानवरी उसमें पानी पीने के लिए उतर जाते हैं। जिसके बाद जानवरी नहर से बाहर नहीं आ पाते। इसलिए नदरई में पक्की नहर में हर 50 मीटर पर पक्की सीढ़ियों का निर्माण किया जाए। नदरई पुल ऐत...
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