नई दिल्ली, जुलाई 2 -- तृणमूल कांग्रेस की नेता और कृष्णानगर (नादिया) की सांसद महुआ मोइत्रा अपने लोकसभा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने गई थीं। वह पार्टी ऑफिस में थीं कि अचानक एक भीड़ ने अंडे और बैंगन से उन पर हमला बोल दिया। महुआ ने पेट में लगी चोट भी दिखाई। पुलिस को सूचना दी, उनका आरोप है कि पुलिस काफी देर से पहुंची और भीड़ को तितर-बितर करने के बजाय मूकदर्शक बनी रही। यह घटना सिर्फ एक सांसद पर हमला नहीं, यह संसद पर हमला है। नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, जवाबदेही नहीं दिख रही। क्या जन-प्रतिनिधियों पर अंडे फेंकना, महिला सांसद को निशाना बनाना या हिंसा इसका समाधान है? यदि आप प्रधानमंत्री से पूछेंगे, तो वह भी कहेंगे कि नहीं, यह कोई समाधान नहीं है। देखिए, लोकतंत्र में जनता को बोलने का पूरा हक है, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से, वोट...