सांख्य-योग की तपोभूमि कापिल मठ का शताब्दी समारोह शुरू, देशभर से जुटें संत-श्रद्धालु
देवघर, मई 15 -- मधुपुर प्रतिनिधि विश्व प्रसिद्ध सांख्य-योग साधना स्थल कापिल मठ, बावनबीघा अपनी गौरवशाली यात्रा के सौ साल पूरे होने पर 14, 15 और 16 मई 2026 को भव्य शताब्दी समारोह मना रहा है। तीन दिवसीय इस आयोजन में बिहार, बंगाल, झारखंड, असम, ओडिशा, दिल्ली, महाराष्ट्र समेत देशभर से हजारों साधु-संत और श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। गुरुवार को समारोह में पारंपरिक सामूहिक पाठ, स्मारिका का लोकार्पण किया गया। शुक्रवार और शनिवार को भी सामूहिक पाठ होगा। कापिल मठ भारत का एकमात्र ऐसा मठ है जो पूरी तरह सांख्य-योग साधना पर आधारित है। इसकी एक शाखा दार्जिलिंग के कास्यांग में भी स्थित है。
1926 में हुई थी स्थापना: जमींदार से सन्यासी तक का सफर :- सांख्य योगाचार्य स्वामी हरिहरानंद आरण्य ने वर्ष 1926 में इस मठ की स्थापना की थी। बंगाल के जमींदार परिवार में जन्मे...
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