देवघर, फरवरी 22 -- विश्व प्रसिद्ध सांख्य-योग तपस्थली कापिल मठ बावनबीघा में सांख्य योगाचार्य श्रीमद् स्वामी भाष्कर आरण्यजी ब्रह्मलीन हो गए। स्वामी भाष्कर आरण्य का जन्म 18 अगस्त 1942 को मधुपुर में कुलीन बंगाली परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता कोलकाता के निवासी थे। वह अक्सर मधुपुर में अपने कोठी में आया करते थे। स्वामी भाष्कर आरण्य अपने गुरु स्वामी धर्ममेघ आरण्य से दीक्षित हुए जो कापिल मठ गुहा में साधारत थे। श्रीमद् स्वामी धर्ममेघ आरण्य की महासमाधि के बाद श्रीमद् स्वामी भाष्कर आरण्य वर्ष 1986 में कापिल गुहा में रूद्ध हुए। निरंतर 40 वर्षों तक सांख्य- योग का अवलंबन करते हुए साधना में लीन रहे। गत दिनों उन्होंने अपने शिष्यों को बुलाकर देह त्याग करने की घोषणा कर दी थी। आध्यात्मिक चेतना की उच्च शिखर पर आरूढ़ हो आज नश्वर शरीर को त्याग दिए। स्वामीजी...
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