शामली, अगस्त 8 -- श्री श्वेतांबर जैन स्थान मंदिर में आयोजित चातुर्मास कार्यक्रम के दौरान नरेश मुनि महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, संयम और आत्मज्ञान का संदेश दिया। प्रवचन में उन्होंने कहा कि जीवन में हमें ऐसे मार्गदर्शक का चयन करना चाहिए, जो हमें सही मंजिल तक पहुंचा सके। साधु ऐसा ही मार्गदर्शक होता है, जो व्यक्ति को धर्म और मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ाता है। नरेश मुनि महाराज ने कहा कि मनुष्य को दूसरों से जुड़ना चाहिए, क्योंकि इससे जीवन में अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। लेकिन किसी स्वार्थ या लाभ की भावना से की गई सेवा वास्तविक सेवा नहीं कहलाती। साधु-संतों की सेवा ही सच्चा संयम है। यह भी पढ़ें- Shamli News: आत्मा ही परमात्मा है, संयम से होता है जीवन का कल्याण उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के सभी अनुयायी हैं और सभी अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार आराधना क...