बांदा, मई 12 -- बांदा। सराफा कारोबारियों का कहना है कि अप्रैल व मई का ऐसा समय होता है, जब किसान अपना गल्ला बेचते हैं और बेटे-बेटियों के शादी विवाह, तिलक, मेहंदी सहित अन्य कार्यक्रम कराते हैं। सोना व चांदी जरूरत से ज्यादा महंगा होने के कारण करीब दो माह से सराफा बाजार का कारोबार मंदी की मार झेल रहा है। पीएम मोदी की अपील के बाद शोरूम में वीरानगी छाने लगी है। फुटफॉल और नई खरीदारी घट रही है। पारंपरिक बाजारों में ग्राहक ही नहीं पहुंच रहे हैं। व्यापारी ओमप्रकाश कहते हैं कि इस सीजन में किसान व मजदूर वर्ग अपनी बचत के हिसाब से जेवर खरीदता है, लेकिन अब तो शोरूम में कोई ग्राहक ही नहीं पहुंच रहे हैं। यह भी पढ़ें- घरों में पहले रहता था पुराना व शुद्ध सोना का स्टॉक घर में शादी होते हुए भी लोग जेवर बनवाने से कन्नी काट रहे हैं। इसका असर सीधा आभूषण कारोबार...