रांची, जुलाई 14 -- रांची, विशेष संवाददाता। डोरंडा कॉलेज में कार्यरत आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापक डॉ अमिया सुरीन (48) के निधन पर झारखंड सहायक प्राध्यापक (अनुबंध) संघ ने विश्वविद्यालय व उच्च शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ ने कहा है कि बीमारी के बाद भी डॉ सुरीन मानसिक दबाव में लगातार कॉलेज आती रहीं। क्योंकि उन्हें क्लास कटने व मानदेय प्रभावित होने का डर था। संघ का आरोप है कि पिछले माह उनके मानदेय में कटौती हुई थी। इससे मानसिक तनाव व बीमारी के चलते उनका शुगर अचानक गंभीर हो गया। बाद में उनकी मौत हो गई। डॉ सुरीन का अंतिम संस्कार मंगलवार को उनके पैतृक गांव में किया गया।उधर, सघ ने राज्य सरकार से मृतका के परिजनों को 50 लाख का मुआवजा, एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी, आवश्यकता आधारित शिक्षकों के मानदेय में कटौती पर रोक और चिकित्सा अ...