पटना, अगस्त 4 -- बिहार में सहायक प्राध्यापक बहाली की नई नियमावली के विरोध में मंगलवार को गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर अभ्यर्थियों ने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष हजारों पीएचडी धारकों, शोधार्थियों एवं उच्च शिक्षा के सम्मान और भविष्य की रक्षा के लिए है। अनशन पर बैठे अभिषेक मेहता और बिक्कु सिंह प्रधान ने कहा कि यूजीसी विनियमों का अनुपालन, अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष, पीएचडी को अनिवार्य योग्यता, सभी विषयों में नियमित बहाली, डोमिसाइल नीति लागू करना और कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता सुनिश्चित करना प्रमुख मांगें हैं। आंदोलनकारियों ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। चेतावनी दी कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो यह आंदोलन पूरे बिहार में व्यापक रूप लेगा। अनशन पर बैठे संयोजक कुमुद पटे...