नई दिल्ली, मई 21 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहायक कानून बनाए बगैर पर्यावरण मुआवजा शुल्क नहीं लगा सकते। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी तब की, जब केंद्र सरकार ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एक नया कानून बनाया जा रहा है। यह भी पढ़ें- पर्यावरण कार्यकर्ताओं के खिलाफ टिप्पणियां वापस लेने का अनुरोधसुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि 'यह स्पष्टीकरण बहुत जरूरी है क्योंकि कई उच्च न्यायालय ने सिर्फ सहायक कानून बनाने के आधार पर पर्यावरण मुआवजा शुल्क की वसूली पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। इससे पहले, केंद्रीय पर्यावरण एवं वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे ने पीठ से कहा क...