वाराणसी, दिसम्बर 4 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता । कोडिनयुक्त कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री के मामले में बीते छह वर्षों में थोक दवा लाइसेंस जारी करने वाले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्तों और ड्रग इंस्पेक्टरों की भूमिका संदेह के घेरे में है। कई फर्मों के सिर्फ कागजों पर संचालित होने के खुलासे के बाद विभाग के उच्चाधिकारियों ने बीते छह वर्षों में वाराणसी में तैनात दोनों रैंक के अफसरों की जांच शुरू कर दी है। प्रकरण की जांच में अब तक कई ऐसी फर्मों का खुलासा हुआ है, जो केवल कागज पर संचालित हो रही थीं। इसी वजह से इन्हें लाइसेंस जारी करने वाले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग के अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग की अतिरिक्त सचिव रेखा एस. चौहान ने दूरभाष पर बताया कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के सा...
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