भागलपुर, मार्च 20 -- सहरसा, नगर संवाददाता ।चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को मां दुर्गा के द्वितीय रुप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से विद्या, बुद्धि व लंबी आयु की प्राप्ति होती है।मां ब्रह्मचारिणी को संयम की देवी कहा जाता है। इसलिए देवी के इस रूप की पूजा करने से मनुष्य के अंदर तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की प्राप्ति होती है। मां ब्रह्मचारिणी के दाहिने हाथ में अक्ष माला और बाएं हाथ में कमंडल है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करके जीवन में धन-समृद्धि, खुशहाली ला सकते है। दधाना कर पद्माभ्यामक्ष माला कमण्डलु देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा मंत्र का जप कर श्रध्दालुओं ने नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की अराधना किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.