भागलपुर, मार्च 25 -- सहरसा, नगर संवाददाता। चैती नवरात्रि के सातवें दिन बुधवार मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई। इनकी अराधना से व्यक्ति पर आने वाले आकस्मिक संकटों से रक्षा होती है। मां का यह स्वरूप शत्रु और दुष्टों का संहार करने वाला है। नवरात्री के सातवें दिन जो मां कालरात्रि की आराधना करते हैं उन्हें भूत, प्रेत या बुरी शक्ति का भय नहीं सताता है। मां कालरात्रि का रंग कृष्ण वर्ण का है। रंग के कारण ही इन्हें कालरात्रि कहा गया है। मां की 4 भुजाएं हैं। असुरों के राजा रक्तबीज का संहार करने के लिए ही दुर्गा मां ने मां कालरात्रि को उत्पन्न किया था। जो भी भक्त मां की सच्चे मन से पूजा करते हैं उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मां के भक्तों ने देवी दुर्गा के कालरात्रि रूप की पूजा-अर्चना कर इस संकट को दूर भगाने की गुहार लगाई। भक्त...
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