भागलपुर, अप्रैल 14 -- महिषी से प्रदीप चौधरी की रिपोर्ट मंगलवार को प्रखंड के विभिन्न गांवों में सतुआइन पर्व हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने पारंपरिक रूप से सत्तू का सेवन किया और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। मान्यता है कि सतुआइन पर्व गर्मी के आगमन का संकेत देता है और इस दिन सत्तू पीने से शरीर को शीतलता मिलती है। ग्रामीणों ने परंपरा के अनुसार जल से भरे घड़े का दान भी किया, जिसे पुण्यदायी माना जाता है। बिहार की लोक संस्कृति में यह पर्व प्रकृति के साथ जुड़ाव और संतुलन का प्रतीक है। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए सत्तू को सबसे उपयोगी आहार माना जाता है। यह भी पढ़ें- Satuan Sankranti 2026: सूर्य के मेष राशि में आते ही होती है सतुआन संक्रांति, जानें क्यों है आज सत्तू खाने की परंपरा बुधवार को प्रखंड क्षेत्र में जुड...
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