सहयोगी से दुष्कर्म मामले में तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा
नई दिल्ली, अगस्त 6 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को 'तहलका' के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 में अपनी एक सहयोगी से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए 10 साल कठोर कैद की सजा सुनाई। हाईकोर्ट ने गोवा की निचली अदालत के पांच साल पहले तेजपाल को बरी करने के आदेश को पलट दिया। हाईकोर्ट की गोवा पीठ के न्यायमूर्ति नीला गोखले और जस्टिस अमित जमसंडेकर ने शुरू में कहा कि तेजपाल को दो हफ्ते में आत्मसमर्पण करना होगा, लेकिन उनके वकीलों की गुजारिश पर कोर्ट ने यह समय बढ़ाकर चार हफ्ते कर दिया। पीठ ने कहा कि हम ट्रायल कोर्ट के बरी करने के आदेश को भी रद्द करते हैं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में प्रतिवादी (तेजपाल) को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। हाईकोर्ट ने सजा सुनाते हुए कहा कि यह घटना 13 साल पहले हुई थी और तब से तेजपाल ने कोई और अपराध नहीं किया...
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