सहमति से बने शारीरिक संबंध रेप नहीं, हाई कोर्ट ने कहा- शादी का हर वादा 'झूठा वादा नहीं'; जानें मामला
विधि संवाददाता, मई 20 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि अगर महिला-पुरुष के बीच लंबे समय तक सहमति से शारीरिक संबंध बना रहे हों और शुरुआत में शादी का इरादा न होने का कोई सबूत न हो, तो उसे बलात्कार नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने ऐसे ही एक मामले में गोरखपुर के पिपराइच थाने में दर्ज एफआईआर और पूरी आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। संजय उर्फ संजय कश्यप की याचिका पर न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने साथ सुनवाई की। पीड़िता का आरोप था कि संजय ने शादी का वादा कर एक साल तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। दोनों परिवारों को रिश्ते की जानकारी थी। शादी नहीं हो पाने पर पीड़िता ने 26 मार्च 2024 को मारपीट और जबरन संबंध बनाने का आरोप लगाते हुए धारा 376, 323, 342, 506 आईपीसी में केस दर्ज कराया। चार्जशीट दाखिल होने के बाद याची ने हाईकोर्ट में याचिका...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.