मुजफ्फरपुर, जनवरी 7 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। सहकारिता आंदोलन को ऊंचाइयों तक ले जाने में नवल बाबू का अहम योगदान रहा है। बुधवार को स्वतंत्रता सेनानी नवल किशोर सिन्हा की 104वीं जयंती की पूर्व संध्या पर शहरवासियों ने उन्हें याद करते हुए ये बातें कहीं। बीआरए बिहार विवि के पूर्व सीनेटर डॉ. अरूण कुमार सिंह ने कहा कि वे राजनीति के साथ जिले में सहकारी आंदोलन के जनक माने जाते हैं। पारू प्रखंड के धरफरी गांव में उनका जन्म हुआ। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के क्रम में छाता चौक पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। क्षमा मांग कर जेल से छूटने का प्रस्ताव मिला मगर वे तैयार नहीं हुए और पूरी सजा काटने के बाद ही घर लौटे। 1952 के प्रथम आम चुनाव में उन्हें पारू उत्तर से विधानसभा के लिए उम्मीदवार बनाया गया और वे विजयी हुए। 52, 57, 62, 67 के आम चुनाव में लगातार ...