गोरखपुर, अप्रैल 17 -- गोरखपुर। राजीव दत्त पाण्डेय कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद 19 अगस्त 1916 से लेकर 16 फरवरी 1921 तक गोरखपुर में निवासरत रहे। उनकी स्मृतियों को संजोने के उद्देश्य से गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने उनकी कुटिया और परिसर को 'मुंशी प्रेमचंद निकेतन' के रूप में संरक्षित किया, साथ ही वहां 'मुंशी प्रेमचंद पार्क' का निर्माण भी कराया। अब एक बार फिर उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद लगभग 2.71 करोड़ रुपये की लागत से मुंशी प्रेमचंद की कुटिया के सौंदर्यीकरण और पुनर्निर्माण कर रहा है। यह भी पढ़ें- पंडित गोविंद वल्लभ पंत पार्क का जीर्णोद्धार शुरूवर्ष 1904 में स्थापित इस निकेतन को धरोहर मानते हुए वर्ष 1989 में इसके आसपास पार्क विकसित किया गया, जिसे 'मुंशी प्रेमचंद पार्क' नाम दिया गया। इसी स्थान पर रहते हुए मुंशी प्रेमचंद ने 'ईदगाह', 'कफ़न', 'बूढ़ी क...