लखनऊ, सितम्बर 21 -- सर्विस बांड के तहत ग्रामीण इलाकों में तैनात होने वाले एमबीबीएस डॉक्टरों ने मानदेय की विसंगतियों को लेकर सोमवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के आवास पर प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का कहना था कि समान डिग्री, एक ही बांड, एग्रीमेंट और काउंसलिंग के साथ ही समान काम करने के बाद भी मेडिकल कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों की सीएचसी-पीएचसी में तैनात होने वाले चिकित्सकों के मानदेय में दोगुने से अधिक अंतर है। यह भी पढ़ें- समान वेतन की मांग पर बांड डॉक्टरों का प्रदर्शनमानदेय में अंतर उनका कहना था कि मेडिकल कॉलेज में एक लाख 15 हजार रुपये और ग्रामीण सीएचसी पर सिर्फ 50 हजार रुपये ही मिलते हैं। इस मानदेय विसंगति को लेकर बड़ी संख्या में डॉक्टर पहले डिप्टी सीएम के आवास पर पहुंचे। वहां उन्हें इस मामले प...