नई दिल्ली, मार्च 23 -- गौरवी मिश्रा,कैंसर विशेषज्ञ, टीएमसी, मुंबई भारत ने पिछले दिनों सार्वजनिक स्वास्थ्य में एक निर्णायक और ऐतिहासिक कदम उठाया। यह कदम किशोर लड़कियों के लिए ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ था। यह सर्वाइकल, यानी गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को खत्म करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता का संकेत देता है। विश्व स्तर पर सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे प्रचलित कैंसर है, जिसमें हर साल लगभग 6.6 लाख नए मामले सामने आते हैं और 3.5 लाख मौतें होती हैं। कई उच्च आय वाले देशों ने अब स्क्रीनिंग और टीकाकरण कार्यक्रमों के माध्यम से इसे नियंत्रित किया है, पर भारत में अभी भी इसकी ऊंची दर बनी हुई है। हम इस रोग से सर्वाधिक प्रभावित देशों में एक हैं। यह भारतीय स्त्रियों में होने वाला दूसरा व देश में कुल मिलाकर तीसरा सबस...
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