गया, मई 8 -- बिहार वह पावन भूमि है, जहां विभिन्न धर्म, संस्कृतियां और परंपराएं सदियों से एक साथ विकसित होती रही है। यही भारत की वास्तविक पहचान और उसकी सबसे बड़ी ताकत है। नालंदा, गया जी व बोधगया की धरती भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का सबसे बड़ा प्रतीक है। उक्त बातें बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने शुक्रवार को मगध विश्वविद्यालय के रामानुजन सभागार में आयोजित धर्म संस्कृति संगम के 'भारतीय लोकतंत्र में सर्वधर्म समभाव की भूमिका व चुनौतियां' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी सह सांस्कृतिक समरसता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहीं। उन्होंने कहा कि नालंदा व बोधगया का यह क्षेत्र पूरी दुनिया को 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' का संदेश देने की क्षमता रखता है। राज्यपाल ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान, सभ्य...
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