सर्पदंश में झाड़-फूंक या देसी तरीकों का प्रयोग बढ़ा रहा मौत
कानपुर, जुलाई 16 -- कानपुर। प्रमुख संवाददाता पीपीएन कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग एवं आईपीआर की ओर से विश्व सर्पदंश दिवस की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अनूप कुमार सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि सर्पदंश से अधिकतर मौत इलाज के अभाव में होता है। ग्रामीण इलाकों में लोग अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने के बजाए झाड़-फूंक या देसी तरीकों से इलाज करने लगते हैं। डॉ. नीरज वर्मा ने सांप की विभिन्न प्रजातियों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर डॉ. बीबी विश्वास, डॉ. एसपी श्रीवास्तव, डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. संध्या पांडेय आदि रहे। यह भी पढ़ें- सर्पदंश पर झाड़-फूंक में न गंवाएं समय, तत्काल जाएं अस्पताल
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