प्रयागराज, जुलाई 16 -- प्रयागराज, ईश्वर शरण शुक्ल बारिश और जलभराव के कारण विषैले जीव-जंतुओं खासकर सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गयी हैं। जागरूकता के अभाव में सांप के डसने पर लोग झाड़-फूंक, जड़ी-बूटी और ओझा-वैद्य के चक्कर में पड़कर समय गंवा देते हैं। मरीज की स्थिति गंभीर होने पर ही अस्पताल लेकर आते हैं, जिससे जानलेवा साबित हो जाता है। हालांकि सांप के डसने पर अस्पताल में उपचार कराने से ही जान बच सकती है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार हर माह औसतन 21 लोग सांप के डसने से जान गंवा देते हैं। इसमें सबसे ज्यादा सर्पदंश की घटनाएं ग्रामीण क्षेत्र में हुईं। वर्ष 2025 में जनवरी के लेकर दिसंबर तक सर्पदंश से 259 लोगों की मौत हुई। इसमें जुलाई से अक्टूबर-2025 के बीच 114 लोगों की सांप के डसने से मौत हो गयी। वहीं इस वर्ष एक से 12 ज...