औरंगाबाद, नवम्बर 17 -- जिले में सर्दियों की शुरुआत के साथ वायु गुणवत्ता लगातार गिर रही है। सामान्य दिनों में एक्यूआई 150 से 220 के बीच दर्ज हो रहा है, जो मध्यम से खराब श्रेणी में आता है। धूल, वाहन का धुआं, फॉग और खेतों में अवशेष जलाने की वजह से वायु प्रदूषण बढ़ा है। पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर भी सामान्य से अधिक है। ये बातें मौसम वैज्ञानिक डॉ अनूप चौधरी ने कही है। उन्होंने बताया कि बाजार और चौक-चौराहों पर ध्वनि प्रदूषण 60 से 80 डेसिबल तक पहुंच रहा है, जो मानक से उपर है। जिले के कई ग्रामीण इलाकों और नगर पंचायत क्षेत्रों में भूजल में आर्सेनिक, आयरन और फ्लोराइड की मौजूदगी जल गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है। सोन नदी और स्थानीय जलस्रोतों में घरेलू कचरे का निस्तारण भी चिंता का विषय है। ठोस कचरा प्रबंधन की सीमित व्यवस्था से प्लास्टिक कचरे का दबाव...
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