दुमका, जनवरी 23 -- सरैयाहाट, प्रतिनिधि। सरैयाहाट के मुड़ियार गांव में गुरुवार को दो दिवसीय दुमका जिला संतमत सत्संग का 34 वां वार्षिक अधिवेशन का समापन हो गया। दो दिवसीय इस संतमत सत्संग में प्रातः काल भजन कीर्तन के साथ संत स्तुति गुरु विनती एवं पवित्र ग्रंथ सत्संग योग से पाठ किया गया। वहीं अपराह्न काल में भजन कीर्तन के साथ संत स्तुति, गुरु विनती के साथ पवित्र रामचरितमानस का पाठ किया गया। जिसमें भागलपुर कुप्पाघाट स्थित महर्षि मेंही आश्रम से आए स्वामी भागीरथी दास जी महाराज ने कहा यह मनुष्य का शरीर बड़े सौभाग्य से प्राप्त होता है। यह शरीर देवताओं के लिए भी पाना दुर्लभ होता है। सत्संग के बिना मानव जीवन दुर्लभ है। इसलिए संत सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज का कहना है नित्य प्रतिदिन सभी लोगों को सत्संग, ध्यान, भजन करते रहना चाहिए। वही पूज्य ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.