रांची, मार्च 27 -- रांची। न्यायायुक्त एके मिश्रा की अदालत ने अग्रिम जमानत मिलने के बाद सरेंडर करने की अवधि बढ़ाने की मांग को खारिज कर दिया। आरोपी चमन कच्छप ने समय विस्तार की मांग की थी। याचिकाकर्ता को 28 जुलाई 2025 को अग्रिम जमानत मिली थी। इसमें दो हफ्ते में निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था। दलील दी थी कि वह इलाजरत था। ऐसे में समय पर सरेंडर नहीं कर सका। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आरोपी के खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है। ऐसे में सरेंडर की अवधि बढ़ाने का आवेदन न्यायसंगत नहीं है। अदालत ने याचिका को नॉट मेंटेनेबल मानते हुए खारिज कर दिया।
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