सराईकेला, अप्रैल 12 -- सरायकेला । सरायकेला प्रखण्ड के अंतर्गत भुरकुली गाँव में आयोजित होने वाले चैत्र पर्व की तैयारिया जोरों पर है । 13 अप्रेल की शाम को जागरण नृत्य होता है जिसका शैली सरायकेला छऊ पर आधारित होता है । साथ ही 14 अप्रेल को चडक पूजा का आयोजन किया जाता है जिसमे भोक्ताओ द्वारा हुक के माध्यम से झूला झूलने, आग पर नंगे पांव चलने सहित कई कर्तव्यों का आयोजन किया जाता है । गांव में विगत कई वर्षों से भगवान विश्वनाथ की पांच दिवसीय पूजा अर्चना करने की परम्परा चली आ रही है । इस वर्ष यह पूजा 10 अप्रैल से शुरू हुई जो 14 अप्रैल (संक्रांति) तक आयोजित की जाएगी । पूजा के दौरान घट पाट लाने के साथ साथ भक्तों द्वारा हठभक्ति का भी प्रदर्शन किया जाता है । कई भक्त जलते हुए अंगारों पर चलकर भगवान विश्वनाथ के प्रति अपनी हठभक्ति दिखाते हैं । वहीं कुछ भक्...