सिमडेगा, मार्च 20 -- सिमडेगा, जिला प्रतिनिधि। प्रकृति का महापर्व सरहूल गुरुवार को आस्‍था एवं उल्‍लास के साथ मनाया जाएगा। केन्‍द्रीय सरना समिति के बैनर तले सरहुल पूजा का आयोजन 11 अप्रैल को धुमधाम के साथ मनाया जाएगा। समिति के अध्‍यक्ष हरिशचंद्र भगत ने बताया कि सरना पूजा स्‍थल में सुबह बाठ बजे से पूजा प्रारंभ होगी। पूजा के बाद दोपहर दो बजे से सलडेगा स्थित सरना स्‍थल में पाहनों के द्वारा पारम्‍पारिक रीति रिवाज के साथ पूजन होगा। इसके बाद दोपहर में पारंपरिक ढोल बाजे के साथ शोभा यात्रा निकाली जाएगी।चैत्र शुक्‍ल तृतीया को मनाया जाता है प्रकृति पर्व सरहूलराज्‍य का प्रमुख त्‍योहार सरहूल चैत्र शुल्‍क तृतीया को पूरे राज्‍य में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। सरना सनातन समाज के लोग सरहूल को सिर्फ पर्व नहीं बल्कि अपने गौरवशाली प्रकृतिक धरोहर मानते है। मूल...