रांची, मार्च 19 -- बेड़ो,प्रतिनिधि। सरहुल पूजा महासमिति बेड़ो ने गुरुवार को महादानी मैदान में सरहुल पूर्व संध्या का आयोजन किया गया। जहां लापुंग, बेड़ो और इटकी के दर्जनों खोड़हा दल के ग्रामीणों ने ढोल, ढाक, मांदर, नगाड़ा और बांसुरी की धुन पर परंपरागत जतरा, लूझरी, जदूरा और माठा आदि राग रागिनी पर आधारित परंपरागत नाच गान प्रस्तुत किया। साथ ही जनजातीय संस्कृति की अनमोल परंपरा का अद्भुत समां बांधा। वहीं खोड़हा दलों को मांदर, दरी और गैस बत्ती लाइट देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अथितियों का स्वागत महासमिति ने अंगवस्त्र देकर किया। मौके पर महासमिति के अध्यक्ष सुका उरांव ने कहा कि सरहुल पूजा हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि प्रकृति का पर्व सरहुल प्रकृति के संरक्षण का संदेश देता है। वहीं राकेश भगत ने कहा कि झारखंड का प्राकृतिक पर्व सरह...