सिमडेगा, मार्च 21 -- सिमडेगा वैसे तो जनजातीय आदिवासी समुदाय के लोग सखुआ पेड़ को काफी पवित्र मानते हैं। लेकिन सरहुल पूजा में सखुआ पेड़ का खास महत्व होता है। सरहुल पर्व में सरना आदिवासी समुदाय के लोग सखुआ पेड़ की विशेष रूप में पूजा अर्चना करते हैं। इस पर्व में सखुआ फूल को कान में खोंसने की भी परंपरा है। इसके अलावे भी सखुआ पेड़ का अपना एक अलग महत्व है। सखुआ पेड़ का उपयोग घरेलू कार्य से लेकर पूजन एवं अन्य कार्य मे भी किया जाता है। काफी बेशकीमती बिकने वाले इस पेड़ के बोटे, डाली, पत्ते से लेकर फल भी कई उपयोग में लाया जाता है। सखुआ पत्ते का पत्तल बनाने से लेकर पूजा पाठ में भी किया जाता है। सखुआ पत्ते से बने पत्तल में भोजन खाने से भोजन का स्वाद बढ़ जाता है। साथ ही इससे कई फायदे भी होते हैं। जनजातीय परंपरा के मुताबिक सखुआ पत्ता में भोजन करना शुभ माना जात...
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