मुंगेर, जनवरी 23 -- मुंगेर, एक प्रतिनिधि। डिजिटल दुनिया की चकाचौंध के बीच जहां एक ओर नाटक मंचन की परंपरा विलुप्त होते जा रही है, वहीं दूसरी ओर आज भी कई ऐसे कलाकार हैं, जो इस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। इसका जीता जागता उदाहरण हैं। हंस वाहिनी नाट्य कला परिषद, बजरंगबली नगर परिषद से जुड़े प्रबुद्ध नागरिक ,कला प्रेमी, मीडिया कर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता इस परंपरा को बखूबी निभा रहें हैं। माघी पूर्णिमा और सरस्वती पूजा के नजदीक आते ही नौवागढ़ी क्षेत्र में श्री हंस वाहिनी नाट्य कला परिषद से जुड़े लोगों की कङी मेहनत और लगनशीलता क्षेत्र वासियों को आकर्षित करने लग जाती है। बताते चले की हंस वाहिनी नाट्य कला परिषद पिछले तीन दशकों (30 वर्षों) से सरस्वती पूजा के अवसर पर दो दिवसीय नाट्य महोत्सव का सफल आयोजन कर डिजिटल दुनिया की दौड़ में विलुप्त होते जा रही न...
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