बलिया, अप्रैल 13 -- बलिया, संवाददाता। बलिया हिन्दी प्रचारिणी सभा की ओर से रविवार को चलता पुस्तकालय सभागार में लब्ध प्रतिष्ठित रचनाकार रमाशंकर पाण्डेय 'नवल' की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान कवि, रचनाकारों, विद्वतनों ने 'नवल ' को श्रद्धा- सुमन अर्पित कर नमन किया तथा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। शुभारंभ अरविंद उपाध्याय के वाणी वंदना व तबले पर शराफत की संगत से हुआ।काव्य गोष्ठी में डॉ. जनार्दन राय ने कहा कि 'नवल' की रचनाएं सरल शब्दों में गंभीर भाव समेटे हुए है। मुख्य वक्ता प्रो. जैनेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि साहित्य इतिहास से ज्यादा बेहतर तरीके से जनता की नब्ज़ को पकड़ता है। बलिया की जनक्रांति को समझने के लिए 'नवलजी' की रचना शेरे बलिया चित्तू पाण्डेय बेहद महत्त्वपूर्ण है। जिले की नई पीढ़ी को यह रचना अपने इतिहास को जानने के लिए जरू...