सरयू से कैसे मिले रामजन्मभूमि के प्राचीन विग्रह? जानिए 220 साल पुराना इतिहास
लखनऊ, जुलाई 10 -- कमलाकान्त सुन्दरम/ अयोध्या। श्रीरामजन्म भूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण पूर्ण हो चुका है, 22 जनवरी 2024 को रामलला नवीन मंदिर में विधिवत प्रतिष्ठित हुए। पूरे देश ने यह ऐतिहासिक क्षण देखा। लेकिन इस पावन नगरी में एक और स्थान है,जो सदियों पुराने इतिहास को अपने भीतर समेटे हुए है। यह स्थान है अयोध्या के स्वर्गद्वार मोहल्ले में स्थित कालेराम मंदिर। इस मंदिर में वे प्राचीन विग्रह आज भी विराजमान हैं, जो श्री रामजन्म भूमि के मूल मंदिर की शोभा थे। विक्रमादित्य का मंदिर और मुगलों का आक्रमणइतिहास का गौरवशाली अध्याय इतिहास के पन्ने पलटें तो एक गौरवशाली कथा सामने आती है। उज्जैन नरेश महाराज विक्रमादित्य ने श्रीरामजन्म भूमि पर एक अत्यंत भव्य मंदिर का निर्माण कराया था। यह मंदिर अपने समय की अद्वितीय धरोहर था। इसके साथ ही महाराज विक्रमादि...
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