सीवान, मार्च 1 -- इंट्रो- सरयू नदी के दियारे में कभी दूध की धारा बह रही थी। सरकारी आंकड़े यही दर्शा रहे हैं कि यहां हर रोज लाखों लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इनमें आधे दूध की ही खपत है। अवशेष दूध जिले व दूसरे शहरों में खप रहा है। दूध का बेहतर उत्पादन होने के बाद भी पशुपालक आर्थिक रूप से कंगाल बने हुए हैं, लेकिन औने-पौने दामों पर दूध खरीद कर बिचौलिए मालामाल हो रहे हैं। हालांकि, पिछले पांच सालों का ग्राफ देखें तो साल-दर-साल दूग्ध उत्पादन घट रहा है। इससे दुग्ध उत्पादक किसानों की आय दिनोंदिन घटती जा रही है। प्रस्तुत है रिपोर्ट- उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे सरयू नदी के तटीय इलाके में पशुधन की भरपूर संपदा है। पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में महीष व गोवंशीय पशुओं की संख्या पांच लाख से अधिक है। इनमें करीब 2.50 लाख दुधारू पशु शामिल है...
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