प्रयागराज, जून 16 -- राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश ने विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन और स्थानांतरण प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि नई शिक्षा नीति-2020 लागू होने के बावजूद वर्ष 1976 के मानकों के आधार पर शिक्षकों को सरप्लस घोषित करना अनुचित है। संगठन ने मांग की है कि एलटी से प्रवक्ता पद पर लंबित पदोन्नतियां शीघ्र की जाएं, जिससे शिक्षकों की कमी और सरप्लस की समस्या स्वतः दूर हो सके। संघ ने आरोप लगाया कि कई विद्यालयों में एक ही विषय के शिक्षक को सरप्लस और उसी विषय का पद रिक्त दिखाया जा रहा है। संगठन ने शिक्षकों को स्थानांतरण नीति 2026-27 का लाभ देने तथा मांगें न माने जाने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।

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