लोहरदगा, अप्रैल 5 -- लोहरदगा,संवाददाता। सरना और सनातन धर्म एक होने के दावों का आदिवासी समाज द्वारा विरोध करते हुए रविवार को लोहरदगा के कल्हेपाट चौक पर प्रदर्शन कर पुतला दहन किया गयर। इसे आदिवासियों की अलग पहचान के लिए खतरा बताया। एनएच 143 ए लोहरदगा-घाघरा मुख्य पथ पर कल्हेपाट चौक के पास आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, नेत्री निशा उरांव और निशा भगत का पुतला दहन किया गया।भड़गांव बाजार टांड़ से कल्हेपाट चौक तक रैली निकाली गई।कार्यक्रम का नेतृत्व 12 पड़हा समाज के अध्यक्ष भीखराम उरांव ने किया। मौके पर वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज सरना को एक अलग प्रकृति-पूजक धर्म मानता है न कि हिंदू सनातन धर्म का हिस्सा। सरना धर्म में पेड़,पहाड़ और प्रकृति की पूजा की जाती है,जो मूर्तिपूजा आधारित सनातन धर्म से भिन्न है। आदिवासी समूह सरना के सनातन में विलय के दावों को प...
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