जमशेदपुर, मार्च 20 -- आदिवासी सेंगेल अभियान 23 मार्च को अपनी दो मांगों को लेकर डीसी ऑफिस के सामने धरना प्रदर्शन करेगा। आदिवासी सिंगल अभियान ने कहा है कि लगभग 15 करोड़ आदिवासी जो प्रकृति पूजक (सरना धर्म) हैं, उन्हें अभी तक अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक मान्यता अर्थात सरना धर्म कोड नहीं दिया गया है। इसका नतीजा है कि आदिवासियों का जबरन हिंदू, मुस्लिम, ईसाई आदि में धर्म परिवर्तन किया जाता है। संताल व आदिवासियों के सर्वश्रेष्ठ ईष्ट देवता मरांग बुरू हैं, जो गिरिडीह में स्थित पारसनाथ पहाड़ पर हैं। परंतु झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उसे 5 जनवरी 2023 को जैन धर्मलंबियों को सौंप दिया। यह आदिवासी के साथ बड़ा धार्मिक अन्याय है।अतः उपरोक्त मुद्दों को लेकर सेंगेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के दिशा निर्देशन में सेंगेल ने 23 मार्च ...