नई दिल्ली, जुलाई 29 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को आम लोगों तक पहुंचाने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। केंद्र सरकार का कहना है कि अब तक 62 मंत्रालयों और विभागों से एआई के इस्तेमाल के 762 संभावित मामलों (यूज केस) की पहचान की है। बुधवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि भारत की एआई नीति तकनीक के लोकतंत्रीकरण के विजन पर आधारित है। इसका उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार और आर्थिक अवसर बढ़ाना है। इसी उद्देश्य के तहत सरकार ने देशभर में 58 एआई उत्कृष्टता केंद्र, टियर-2 व टियर-3 शहरों के आईटीआई व पॉलिटेक्निक संस्थानों में 543 डेटा एवं एआई लैब स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। यह भी पढ़ें- छात्राओं को दी एआई ...