रांची, अप्रैल 9 -- रांची, विशेष संवाददाता। बुंडू में सिविल कोर्ट निर्माण में हो रही देरी को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा कि निर्माण कार्य में देरी क्यों हो रही है। इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि अब बुंडू में सिविल कोर्ट की जरूरत ही नहीं है। इस पर अदालत ने नाराजगी जतायी और सरकार को इस दलील के पक्ष में शपथपत्र दाखिल करने या अपना स्टैंड बदलने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई सात मई निर्धारित की। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्ष 2010 से केवल कागजी प्रक्रिया ही चल रही है। 16 वर्षों के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रगति नहीं दिख रही है। कोर्ट इस मामले में मूकदर्शक नहीं रह सकता। अदालत ने राज्य सरकार ...