रामपुर, जून 16 -- ​रामपुर। उत्तर प्रदेश के निबंधन विभाग में ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2024 के तहत लागू की जा रही 'प्रेरणा सॉफ्टवेयर' आधारित ई-पंजीकरण व्यवस्था ने प्रदेशभर के पंजीकृत दस्तावेज लेखकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विभाग के इस नए कदम से नाराज और अपनी आजीविका को लेकर आशंकित रामपुर तहसील सदर के दस्तावेज लेखकों ने एकजुट होकर सरकार और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। दस्तावेज लेखकों ने कहा कि उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक नियमावली 1977 को रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 की धारा 69 के तहत बनाया गया था, जो उन्हें विधिक रूप से अनुज्ञप्ति और कार्य करने का अधिकार देती है। नए फैसले को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए उन्होंने कहा कि यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीविकोपार्जन के मौलिक अधिकार का हनन है।...