नई दिल्ली, जुलाई 15 -- पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार या प्रशासन के किसी भी हिस्से के खिलाफ नारेबाजी करना नागरिकों पर देशद्रोह का आरोप लगाने के लिए काफी आधार नहीं है। जस्टिस विनोद एस भारद्वाज और सुखविंदर कौर की पीठ ने हरियाणा प्रशासन की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि सरकार के खिलाफ नारा लगाना सिर्फ असहमति जाहिर करने का एक जरिया है, न कि नफरत, तिरस्कार या नाराजगी। अदालत ने कैथल के चार निवासियों को बरी करने के फैसले को सही ठहराया। ये लोग 2017 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद हुई एक घटना के सिलसिले में आरोपी थे। पंचकूला की अदालत द्वारा गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी ठहराए जाने के बाद भड़की हिंसा में हरियाणा के कैथल में एक भीड़ ने कथित तौर पर बिजली व...