चाईबासा, मई 4 -- चाईबासा। राजनगर सीएचसी में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान सहिया और उसके नवजात शिशु की मौत ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की पूरी पोल खोल दी है। यह घटना केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टम की निर्ममता और प्रशासनिक विफलता का भयावह उदाहरण है। इस मामले पर झारखंड भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब एक स्वास्थ्य सहिया, जो खुद व्यवस्था का हिस्सा है, वह भी सुरक्षित नहीं है, तो आम गरीब और आदिवासी परिवारों की स्थिति कितनी दयनीय होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने सीधे तौर पर हेमंत सोरेन सरकार को घेरते हुए कहा कि यह सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल और असंवेदनशील साबित हो चुकी है। गीता कोड़ा ने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और...