गिरडीह, अप्रैल 27 -- गिरिडीह, प्रतिनिधि। भाजपा नेता और जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव चुन्नूकांत ने कहा कि सरकार के पेचीदा रवैये के कारण गिरिडीह का माइका उद्योग समाप्ति के कगार पर है। कभी माइका से गिरिडीह की पहचान थी। लाखों मजदूर इससे जुड़े थे। पहले माइनिंग बंद हुई, फिर सरकार ने माइका को माइनर से मेजर मिनरल कर दिया। इससे कई कानूनी पेंच फंस गए। चुन्नूकांत ने कहा कि माइका कारोबार से देश को भारी विदेशी मुद्रा मिलती थी, पर अब सरकार स्क्रैप और फ्लेक्स के निर्यात की अनुमति नहीं दे रही। निर्यातकों को डीजीएमएस जैसी पेचीदा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। माइनिंग बंद होने के बाद मजदूर स्क्रैप कारोबार से जुड़े थे, जो संजीवनी था। लेकिन अब न लीज मिल रही, न डंप की अनुमति। कुछ साल पहले डंप की इजाजत मिली थी, पर ऑक्शन बंद होने से डंप वीरान है। चुन्नूकांत ने क...