लखनऊ, जुलाई 10 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। राज्य के 47 लाख उपभोक्ताओं का बिजली भार बढ़ने के मामले में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में याचिका दायर करने से पहले राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उपभोक्ता परिषद ने कहा है कि सरकार विद्युत अधिनियम-2003 की धारा-108 के तहत नियामक आयोग को आदेश दे कि गरीब लाइफलाइन उपभोक्ता (1 किलोवॉट वाले) का हित सुरक्षित रहे। इन 47 लाख में से 10 लाख से ज्यादा ऐसे ही उपभोक्ता हैं, जिन्हें रियायती दर पर बिजली मिलती है।

उपभोक्ता परिषद की चिंताएँ उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि एक किलोवॉट वाले उपभोक्ताओं का लोड बढ़ते ही वे तत्काल रियायत के दायरे से बाहर हो जाएंगे। विद्युत भार बढ़ाए जाने से वे परेशान हैं। इन उपभोक्ताओं के हित संरक्षित रखने के लिए कानून में बदलाव की जरूरत है औ...