फरीदाबाद, अगस्त 2 -- फरीदाबाद, धनंजय चौहान। स्मार्ट सिटी के लाखों लोगों को पेयजल संकट से राहत दिलाने वाली गंगाजल परियोजना छह माह से हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच प्रस्तावित बैठक का इंतजार कर रही है। सिंचाई विभाग परियोजना का तकनीकी सर्वे और रूट प्लान तैयार कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंप चुका है, लेकिन दोनों राज्यों के बीच बैठक नहीं होने से परियोजना अगले चरण में नहीं पहुंच पा रही है। बैठक के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

पेयजल आपूर्ति की समस्या में पेयजल आपूर्ति यमुना किनारे लगे 22 रेनीवेल और अलग-अलग इलाकों में लगे करीब 1750 ट्यूबवेलों से की जाती है। प्रतिदिन में 450 एमएलडी पानी की जरुरत है। लेकिन, विभिन्न स्रोतों से करीब 300 एमएलडी ही पानी ही सप्लाई हो पाती है। ऐसे में करीब 15...