सरकारी हैंडपंपों में कब्जा से पानी के लिए बहा खून
फतेहपुर, जून 5 -- फतेहपुर। सरकारी हैंडपंपों पर डकैती, बूंद-बूंद को तरसते हलक और जिम्मेदारों की अंधी-बहरी व्यवस्था! यह किसी जंग का मैदान नहीं, बल्कि पानी के लिए लहूलुहान होते कई गांव हैं। दबंगों ने हैंडपंपों में मोटर डालकर सरकारी संपत्ति को अपनी बपौती बना लिया है। ग्रामीण दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक गए, लेकिन अफसरों की अंतरात्मा नहीं जागी। नतीजन, प्यास बुझाने के लिए अब पानी नहीं, बल्कि अपनों का खून बह रहा है। गांव गुटों में बंट चुके हैं, लाठियां चटक रही हैं और तनाव के माहौल में इन इलाकों में कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है। पर मजाल है कि खुलीआंख सो रहे प्रशासन की संवेदनहीनता थमने का नाम नहीं ले रही है। यह भी पढ़ें- हैंडपंप से पुलिस ने निकलाई मोटर,दबंगों ने फिर डाला सूखे हलक पर भारी हैं प्रभावशालीग्रामीण इलाकों में सरकारी हैंडपंपों में समर्...
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